Human Size Mirror....
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Chasing me
You are,
Soiled
With yuck
Of perversions,
Filth inside
Filth outside
Naming that
Natural instinct,
Halt !
And be little away,
See your
Own image in
The human-size mirror
Which
I have put on me
After wiping
And cleaning
With the wipe of
My pure soul....
आदमकद अईना ....(सहभागिता-अर्पिता)
# # #
सने हो
कीचड से
तुम
और
दौड़ जा रहे हो
पीछे मेरे,
भर ली है
तुम ने
उजले तन के ऊपर
और
अन्दर
गन्दगी
विकारों की,
दे रहे हो नाम
जिसको
स्वाभाविकता का,
जरा
थम कर
जरा
दूर रह कर
देख लो ना
अक्स अपना
आदमकद आईने में
औढ़ लिया है
मैंने जिसको
पौंछ कर
अपनी रूह से ...
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