Saturday, 2 August 2014

अमरत्व..(मेहर)

अमरत्व..

***
शोध
अमरत्व की
सदियों से
होती रही
निरंतर,
किया ना
मृत्यु ने
शोधकों
सामान्यों में
कोई भी अंतर,
आते रहे
दशा
काल
अन्तर्दशा
प्रत्यंतर,
अक्षता रही
अमरत्व
पिपासा
बिन ब्याही
सामानांतर..

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