उपयोग....
# # #
उपयोग जैसा कर सको
संयोग वैसा बन बन सकेगा
कंटक से कंटक निकालो
झंझट से झंझट मिटा लो
मूढ़ निपट नाटक का तुम्हारे
सफल विदूषक बन सकेगा
उपयोग जैसा कर सको
संयोग वैसा बन बन सकेगा...
जो बना था शत्रु तेरा
आज उसको मित्र बना लो
दुश्चरित्र दुष्ट को कथा का
आदर्श एक चरित्र बना लो
जो सड़ा गला है वही तो
श्रेष्ठ उर्वरक बन सकेगा
उपयोग जैसा कर सको
संयोग वैसा बन बन सकेगा...
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उपयोग जैसा कर सको
संयोग वैसा बन बन सकेगा
कंटक से कंटक निकालो
झंझट से झंझट मिटा लो
मूढ़ निपट नाटक का तुम्हारे
सफल विदूषक बन सकेगा
उपयोग जैसा कर सको
संयोग वैसा बन बन सकेगा...
जो बना था शत्रु तेरा
आज उसको मित्र बना लो
दुश्चरित्र दुष्ट को कथा का
आदर्श एक चरित्र बना लो
जो सड़ा गला है वही तो
श्रेष्ठ उर्वरक बन सकेगा
उपयोग जैसा कर सको
संयोग वैसा बन बन सकेगा...
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