Saturday, 2 August 2014

भस्मासुर...(मेहर)

भस्मासुर...
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(दस सालों की मशक्कत के बाद ओसामा बिन लादेन को समुद्र में दफ़न किया महाशक्ति अमेरिका के फौजियों ने-----बस उसके जिस्म को ही ना [:)]...)
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मारा गया 
एक भस्मासुर
चाचा साम का,
लगता है
अब गूंजाना होगा
उद्घोष 
जय श्री राम का..

पनपाया था 
तू ने ही
देकर 
आशीर्वाद 
अपना,
कर के 
कमज़ोर 
किसी को
साधने अपनी 
दादागिरी का 
सपना...

पाले थे 
ओसामा और तालिबान से
भस्मासुर 
तू ने,
किया था 
दहशतगर्दी का 
आगाज़ 
हकीक़त में 
तू ने...

आया था
बड़ा मज़ा 
जब देखते थे 
तुम 
खेल इनका,
चढ़ आये थे 
ये तुझी पर 
निपटा था 
ज्यों ही
तेरा ही दिखाया 
शिकार इनका...

ना होते 
हमले 
न्यूयार्क और
मुंबई पर
ना भुगतती 
खामियाजा इसका
जनता 
हिंद-ओ-पाक की,
गर ना लड़ते 
तुम फजूल लड़ाई
अपने कटे पीटे  
शूर्पनखा से 
नाक की...

जानता है
भारत का 
हर बच्चा 
कथा 
शिव कैलाशी 
और
भस्मासुर की,
जान ली है 
तुम ने भी
हकीक़त 
अपने तस्सव्वुर की...

आएगा ज़रूर 
कोई विष्णु 
बचाने 
शिव शम्भू को,
पढ़ायेगा पाठ 
नीति का 
तुम 
तथाकथित 
स्वयम्भू को...

ख़त्म हुआ है
बस एक चेहरा
हर खांचे में 
नज़र आ रहा 
खड़ा
कोई ना कोई
मोहरा...

बांध लो तुम 
अपने सर पर 
इस दानव संहार का
सेहरा,
फिक्रमंद हैं हम
होगा बढ़ाना
हमें अपनी 
सरजमीं और 
सरहदों 
पर पहरा...

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